October 22, 2021



Computer Kya Hai – कम्प्युटर क्या है

computer kya hai in hindi
computer kya hai
Computer Kya Hai - कम्प्युटर क्या है 1

Computer एक मशीन या डिवाइस होता है जो की विभिन्न प्रकार के केलकुलेसन और ऑपरेशन को किसी software या hardware program के द्वारा दी गयी इन्सट्रक्शन के आधार पे परफ़ार्म करता है । कम्प्युटर डिवाइस इनपुट डाटा को input डिवाइस के माध्यम से एक्सैप्ट करता है फिर उसे process करता है और फिर मशीन output जेनेरेट करता है ।

आसान भाषा मे कहे तो कम्प्युटर के मुख्य रूप से 3 काम होते है पहला ये की ये इनपुट डिवाइस से इनपुट डाटा को एक्सैप्ट करता है फिर उस डाटा को दिए गए इन्सट्रक्शन के आधार पे प्रोसैस करता है और फिर ये उसका रिज़ल्ट हमे आउटपुट डिवाइस यानि की मॉनिटर पे शो करता है जिसे आउटपुट कहते है ।

💻
Input Data ➖ Processing ➖ Output Data

कम्प्युटर मशीन को हम एक ऐसा डिवाइस भी बोल सकते है जो की इनपुट डिवाइस से Raw Data को इनपुट की तरह लेता है फिर उस रॉ इनपुट डाटा को control instructions के आधार पे Processor की मदद से प्रोसैस करता है और बाद मे ये हमे आउटपुट को दिखाता है । कम्प्युटर Arithmetic और Non-arithmetic के साथ Logical ओपेरेसन्स को पेर्फ़ोर्म करता है ।

कम्प्युटर का फुल फार्म क्या है

Computer का वैसे तो किसी भी प्रकार का फुल फार्म उपलब्ध नहीं है और न ही होता है फिर भी इसका एक काल्पनिक मनगढ़ंत नाम दिया गया है जो नीचे दिया गया है ।

C– Commonly O– Operated M– Machine P– Particularly U– Used for T– Technical E– Education R– and Research

और यदि इसे hindi मे कहे तो इसका अर्थ होता है

एक साधारण मशीन या डिवाइस जिसका उपयोग मुख्यतः तकनीकी सिक्षा और अनुसंधान कार्यो मे किया जाता है

कम्प्युटर का आविष्कार कब और किसने किया

मशीन के द्वारा मैथमेटिकल कैलकुलेशन करने का जो विचार था वह सबसे पहले चार्ल्स बैबेज के दिमाग में 1812 में में आया था। बाद में उन्होंने डिसाइड किया कि वह एक ऐसा मशीन बनाएंगे जो कि डेसिमल डिजिट्स का मैथमेटिकल ऑपरेशन कर सके तब उन्होंने 1820-30 में डिफरेंस इंजन का आविष्कार किया जो 20 डेसिमल कैपेसिटी पर ऑपरेट करता था।

और फिर 1830 के मध्य में चार्ल्स बैबेज ने एनालिटिकल इंजन का आविष्कार करने का प्लान किया। Analytical Engine का आविष्कार करने के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य था एक ऐसे डिवाइस अथवा मशीन को बनाना जो कि Arithmetical ऑपरेशंस को परफॉर्म कर सके और इस एनालिटिकल इंजन में इंस्ट्रक्शन को Punch Card की मदद से प्रोवाइड किया जाता था और यह पंच कार्ड एक तरह का मेमोरी यूनिट होता है जो कि नंबर्स , सीक्वेंशियल कंट्रोल और बहुत से ऐसे बेसिक एलिमेंट्स जो अभी मॉडर्न computer से में यूज होते हैं को स्टोर करता है ।

सुरू मे उनके आविष्कार को किसी ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में 1843 में बैबेज की गणितज्ञ फ्रेंड ने उनके Analytical Engine के डाक्यूमेंट्स को फ्रेंच में ट्रांसलेट किया और उसे पब्लिश किया और उन्होंने बताया कि यह कैसे Sequence of calculations को परफॉर्म कर सकता है जो कि First computer program था। तब जाकर 1843 में यह बात प्रकाश में आई कि चार्ल्स बैबेज ने सबसे पहले पहले Analytical Engine का आविष्कार किया जो की मॉडर्न Digital Computer का मूलभूत आधार भी है।

कम्प्युटर का जनक किसे कहा जाता है

charles babbage

वैसे तो कंप्यूटर के क्षेत्र में बहुत से लोगों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लेकिन मॉडर्न डिजिटल कंप्यूटर्स में यूज होने वाला Arithmetic Logical Unit (ALU) और Flow Control ,Integrated Memory का कांसेप्ट सबसे पहले चार्ल्स बैबेज ने ही अपने एनालिटिकल इंजन में लाया था। और उनका योगदान सबसे ज्यादा और बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है। यही कारण है कि Charles Babbage को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।

जनरेशन ऑफ कम्प्युटर

इस बात की कोई सटीक जानकारी ना होने की वजह से इस बात को certify तो नहीं किया जा सकता कि कंप्यूटर का development कब शुरू हुआ? लेकिन कंप्यूटर के development को कंप्यूटर की generation के हिसाब से classify कर दिया गया है जिससे कि कंप्यूटर के बारे में जानने में आसानी हो, यह generations मुख्य रूप से 5 भाग में बैठे हुए हैं।

जैसे-जैसे computer में विकास होते चले गए, वैसे वैसे ही इनको अलग-अलग जेनरेशंस में क्लासिफाई कर दिया गया। Generation of computer का तात्पर्य कंप्यूटर की अलग-अलग पीढ़ियों से है जो कि कंप्यूटर में होने वाले बदलाव को दर्शाता है।

1.First Generation [1949-1959]

इसे Generation के computer साइज में बहुत ही बड़े और है भी होते थे जिसके कारण यह पोर्टेबल नहीं होते। पोर्टबल का मतलब इनको एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना बहुत ही मुश्किल काम होता था ।इन मशीन से बहुत ही ज्यादा मात्रा में Power का उपयोग होता था और बहुत ही ज्यादा Heat जनरेट होती थी।

इन कम्प्युटर मे जो मेमोरी यूज होती थी वह Liquid menory और Magnetic Drum से बनी होती थी जिसे हम Vaccum Tube कहते हैं जो फर्स्ट इलेक्ट्रॉनिक जनरल पर्पस computer था जो कि 1953 में बना था। उसमें 18000 Vaccum Tube का इस्तेमाल हुआ था और इनपुट डाटा लेने के लिए Punch Card का उपयोग किया जाता था। उदाहरण के तौर पर UNIVAC (Universal Automatic Computer) और ENIC (Electronic Numerical Integration of Computer) ।

इस जेनरेसन के कम्प्युटर ज्यादा एफ़िसिएंट नहीं थे और इनमे Malfunctioning की प्रोब्लेम आती रहती थी जिससे की सारे प्रोसैस को reinitiate करना पड़ता था ।

2.Second Generation [1959-1965]

Second Generation के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का उपयोग होने लगा जो कि वेक्यूम ट्यूब की तुलना में सस्ता और कम पावर कंज्यूम करता था और साइज में भी यह काफी छोटा था और यह वेक्यूम ट्यूब की अपेक्षा काफी ज्यादा फास्ट , रिलाएबल था। Second Generation के computer में हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे कि Fortran और Cobol का इस्तेमाल किया जाता था।

Transistor कम इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूम्ड करते थे और अपेक्षाकृत बहुत ही कम Heat जनरेट करते थे । लेकिन फिर भी Second Generation के computer फर्स्ट जनरेशन के कंप्यूटर की तुलना में साइज में काफी छोटे थे और ज्यादा फास्ट थे। लेकिन फिर भी यह काफी ज्यादा कॉस्टली थे और इन को चलाने के लिए AC इलेक्ट्रिसिटी की आवश्यकता होती थी और यह कंप्यूटर Machine language और Assembly language को सपोर्ट करते थे। कुछ कंप्यूटर्स जो कि सेकंड जनरेशन के हैं उदाहरण के तौर पर

  • IBM-1620
  • IBM-7094
  • CDC-3600
  • UNIVAC-1108

3.Third Generation [1965-1971]

Third Generation के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर की जगह Integrated Circuit (IC) ने ले ली। इंटीग्रेटेड सर्किट में बहुत सारे ट्रांजिस्टर ,Resistor लगे होते हैं। होते हैं और आईसी के अविष्कार ने कंप्यूटर की साइज को ज्यादा छोटा कर दिया और इस Generation के कंप्यूटर्स मे Remote Processing, Time Sharing , मल्टीप्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग होता था ।और इनमें हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेस जैसे कि Cobol ,Fortran, Pascal का यूज किया जाता था।

IC के यूज होने से इस Generation के कंप्यूटर की साइज बहुत ही ज्यादा छोटी हो गई है और काफी ज्यादा रिलायबल होने लगे और इनमें मेंटेनेंस की कॉस्ट भी बहुत ज्यादा कम आने लगे और IC का यूज होने की वजह से यह बहुत ही कम इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूम करते थे और बहुत ही कम हिट जनरेट करते थे लेकिन फिर भी यह काफी ज्यादा कॉस्टली थे, लेकिन यह computer पोर्टेबल थे और इन को आसानी से एक जगह से दूसरे का शिफ्ट किया जा सकता था। Third Generation के कुछ कंप्यूटर उदाहरण के तौर पर जैसे कि

  • आईबीएम 360
  • आईबीएम 370
  • पीडीपी

4.Forth Generation [1971-1980]

Forth Generation के कंप्यूटर काफी ज्यादा पावरफुल और सस्ते थे। इन कंप्यूटर में VLSI-Circuit (Very Large Scale Integration) का इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें लगभग 5000 ट्रांजिस्टर और सर्किट लगे होते थे। वीएलएसआई सर्किट का इस्तेमाल ने इस कंप्यूटर की साइज को बहुत ही ज्यादा छोटा कर दिया ।

इस Generation के Computer साइज में बहुत ही ज्यादा छोटे विश्वसनीय और अफोर्डेबल थे और परिणाम स्वरुप पर्सनल कंप्यूटर रखने का प्रचलन शुरू हुआ और इस जमाने के कंप्यूटर मे टाइम शेयरिंग ,रियल टाइम नेटवर्क डिस्ट्रीब्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम का यूज़ होता था । और लगभग सारी High level language C, C++ का इस्तेमाल होने लगा । इसी जनरेशन में Internet का कांसेप्ट इंट्रड्यूस किया गया और Network के क्षेत्र में काफी ज्यादा डेवलपमेंट हुआ।

5.Fifth Generation [1980-Present]

Fifth Generation के कंप्यूटर में VLSI अब ULSI बन गई जिसके परिणाम स्वरुप इनके माइक्रोप्रोसेसर्स में एक करोड़ से भी ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का इस्तेमाल होने लगा। रिजर्वेशन के एक कंप्यूटर मुख्य रूप से AI (Artificial Intelligence) पर बेस्ड है । Fifth Generation के computer बहुत ही ज्यादा सस्ते है जो कि कोई भी आसानी से खरीद सकता है और यह साइज में बहुत ही ज्यादा कॉन्पैक्ट है और छोटे होते हैं। इनको आप आसानी से कहीं पर भी लेकर आ जा सकते हैं।

AI की वजह से अब इस जेनरेसन के कम्प्युटर मे मानव की तरह सूझ बुझ विकसित की जाने लगी है और जल्द ही सारे कम औटोमटेड हो जाएंगे ।

कम्प्युटर के प्रकार

वैसे तो आपने अपने चरो ओर बहुत प्रकार के कम्प्युटर देखे होंगे जैसे की QR Code को स्कैन करने वाला स्कैनर भी एक तरह का computer ही है , Atm machine , weight मशीन सब कम्प्युटर ही है लेकिन मुख्य रूप से कम्प्युटर 3 प्रकार के होते है – Analog , Digital और Hybrid

1.Analog Computer

ये मुख्यतः अनैलॉग सिग्नल पे बेस्ड होते है जैसे की Voltmeter , Ammeter और Spedometer ।

2. Digital Computer

ये मुख्यतः डिजिटल सिग्नल पे बेस्ड होते है जैसे की Desktop ,Laptop ,Tablet ,Smartphone ।

3.Hybrid Computer

ये दोनों ही प्रकार के सिग्नल पे कम करते है उदाहरण के रूप मे अस्पतालो मे अपने देखा होगा ECG Machine ।

कुछ कम्प्युटर ऐसे भी होते है जो शायद आप न जानते हो जैसे की आपका smartphone भी एक तरह का स्पेशल computer है । आपकी smartwatch भी स्मार्ट wearable कम्प्युटर है । TV भी एक तरह का कम्प्युटर है जिसमे भी मेमोरी , ALU और माइक्रो प्रॉसेसर लगा होता है ।

आप जब किसी वैबसाइट को अपने computer मे खोलते है तो वो वैबसाइट का डाटा भी जिस सर्वर पे स्टोरेड है वो भी कम्प्युटर ही होता है जो इंटरनेट नेटोव्र्क के जरिए आप से communicate करता है । यहा तक की TV मे गेम खेलने के लिए Gaming Console भी एक कम्प्युटर है।

कम्प्युटर काम कैसे करता है

1.Input – ये कम्प्युटर के कार्य करने का सबसे पहला चरण है इसमे कम्प्युटर इनपुट डिवाइस जैसे की कीबोर्ड , माऊस इत्यादि से Input यानि की Raw data को एक्सैप्ट करता है और ये इनपुट कुछ भी हो सकता है जैसे की नंबर , विडियो , औडियो ,फ़ाइल ,टेक्स्ट इत्यादि।

2.Processing – ये कम्प्युटर का दूसरा चरण है जिसमे की कम्प्युटर Control Instruction जो की software program या user के द्वारा प्रोवाइड किया जाता है के आधार पर उस Raw Data को प्रोसैस करता है ।

3.Output– ये कम्प्युटर का तीसरा और आखिरी चरण है इस चरण मे कम्प्युटर processed डाटा को आउटपुट डिवाइस जैसे की Monitor , Speaker के माध्यम से show अथवा सुनाई देता है ।

💻
Input Data ➖ Processing ➖ Output Data

  • अब उदाहरण के तौर पर अगर हम इसे आपको और अच्छे से समझाए तो मान लीजिए मुझे 3 और 4 का sum करना है । तो इसके लिए यूसर calculator प्रोग्राम मे input device यानि की keyboard से Raw Data यानि की 3 और 4 को एंटर करेगा ।
  • एंटर करने के बाद calculator प्रोग्राम मे Sum करने के लिए जो control instruction प्रोग्राम की गयी होगी उसके आधार पर computer रॉ डाटा को प्रोसैस करेगा यानि की 3+4=7
  • अब कम्प्युटर इस processed data मतलब 7 को आउटपुट डिवाइस यानि की मॉनिटर पे शो करा देगा ।

कम्प्युटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर

computer मे ऐसे कोई भी फ़िज़िकल चीज़ जिसे हम अपनी हाथो से छू सकते है वो हार्डवेर है जैसे की कीबोर्ड , मॉनिटर , माऊस , Ram , Rom , Processor , Motherboard , hard drive , USB ये सभी चिजे कम्प्युटर की हार्डवेर होती है ।

अब बाते करे computer के सॉफ्टवेर की तो वो सारी चिजे जिसे हम छु तो नहीं सकते पर मॉनिटर स्क्रीन पे देख सकते है महसूस करते है वो सॉफ्टवेर जैसे की कोई भी प्रोग्राम चाहे हो कैल्कुलेटर हो या गेम एक सॉफ्टवेर है । और वही सोफ़्र्वरे छोटे छोटे codes का कलेक्शन होता है । अभी आप इसे Browser पे पढ़ रहे है और आपका ब्राउज़र एक सॉफ्टवेर है जिसे आप बस देख रहे है और महसूस कर रहे है ।

देखा जाए तो कम्प्युटर असल मे Hardware और Software का समागम होता है हार्डवेर एक प्लैटफ़ार्म की तरह होता है जिससे की Software मतलब ट्रेन दोड्ति है ।

कम्प्युटर की मूलभूत इकाइया (Components)

computer इन hndi
Computer Kya Hai - कम्प्युटर क्या है 2

बात करे computer के fundamental components की तो आप ने देखा होगा की इसमे बहुत सी छीजे लगी होती जो की देखने मे ज्यादा जटिल दिखाई पड़ता है पर वास्तव मे ऐसा होता नहीं है । आइए जानते है computer के fundamental components के बारे मे hindi मे ।

Motherboard

यह कम्प्युटर की सबसे मूलभूत इकाई है यह एक पतले पट्टी की तरह होती है जो की ग्रीन कलर की होती है और इसमे बहुत से wire , elements और Ram , HDD , Processor जुड़े होते है । कम्प्युटर मे सारे एलिमेंट्स को कनैक्ट करने का एक मदर hub होता है जो की डाइरैक्ट या in-direct तरीके से सारे एलिमेंट्स को कनैक्ट करता है जिसे मदरबोर्ड कहते है ।

CPU/Processor

CPU अथवा प्रॉसेसर computer की कंट्रोल यूनिट होती है जोकि कम्प्युटर मे सारीचीज़ों को कंट्रोल करती है और किसी प्रोसैस को execute करने का काम भी processor अथवा Cpu का ही होता है । CPU का मतलब होता है (Central processor unit)। सीपीयू को कम्प्युटर सिस्टम का मशतिष्क भी कहा जाता है ।

RAM

Ram का पूरा मतलब होता है (Random Access Memory) यह भी एक तरह की स्टोरेज डिवाइस होती है जो की बहुत ज्यादा फास्ट होती है और इसमे डाटा कुछ समय के लिए ही सेव रहता है जब ताकि की आप या OS खुद से फ्लश न कर दे या फिर electricity न चली जाए । इसका मेन काम launch किए जा रहे program को load करने का होता है । इसलिए आपके सिस्टम मे Ram की capacity प्रोग्राम्स को लोड करने की क्षमता को बढ़ाता या कम करता है ।

Hard Drive

ये computer सिस्टम की secondary स्टोरेज डिवाइस के रूप मे यूस होती है जिसका मेन कम डाटा को सेव करना होता है permanently और यह स्टोरेज Ram के मुक़ाबले ज्यादा स्लो और सस्ता होता है ।

जब कभी कम्प्युटर मे Ram की capacity कम होती है तो सिस्टम इसी storage डिवाइस से Virtual Ram का निर्माण करता है जिसका काम main memory यानि की Ram की कमी को पूरा करना होता है ।

Power Supply unit

इस यूनिट का काम computer मे जरूरत के हिसाब से continuous पावर की सप्लाइ करना होता है जिससे की सिस्टम मे ब्रेकडाउन की समस्या न हो ।

Expansion Cards

Computer के motherboard मे काफी सारे expansion स्लॉट दिए गए होते है जैसे की 2nd Ram slot , Bluetooth Card Slot , Video Card , Audio Card , WI-FI slot ।

जिनको हम अपनी आवश्यकता के अनुसार बाद मे उपग्रेड कर सकते है । इन्हे ही Expansion card या PCI (Peripheral Components Interconnect) Card कहा जाता है ।

कम्प्युटर का उपयोग (Application)

कम्प्युटर का उपयोग कहा कहा होता है ? देखा जाए तो कम्प्युटर मानव जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है जिसका उपयोग हम सभी अपने रोज मर्रा के कामो मे कर रहे है । अब चाहे वो समय देखना हो , कॉल करना हो या फिर पढ़ाई लिखाई अथवा हिसाब का रख रखाव करना हो । कम्प्युटर के कुछ महत्वपूर्ण application नीचे दिए गई है ।

Banking and Finance – बैंकिंग और फ़ाइनेंस के क्षेत्र मे भी कम्प्युटर का उपयोग अहम है । कम्प्युटर का उपयोग एलेक्ट्रोनिक money transfer , आधार enabled पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) , ATM और EFTS मे किया जाता है जिसमे की ट्रैंज़ैक्शन करने के लिए कम्प्युटर बेस्ड सिस्टम का ही उपयोग किया जाता है जो की बैंक के द्वारा प्रदान किया जाता है ।

Education – सिक्षा के क्षेत्र मे भी कम्प्युटर का उपयोग बहुत ही ज्यादा है जैसे की कम्प्युटर का उपयोग teaching , learning , student data processing , result generation , online tution and coaching मे किया जाता है । और तो और हम जो अपने रिजल्ट्स को इंटरनेट और अपने लैपटाप या मोबाइल के माध्यम से देख लेते है वो भी कम्प्युटर के उपयोग से ही सहज हुआ है।

Hospital and Medical – हॉस्पिटल और मेडिकल के क्षेत्र मे भी computer का बहुत ही वृहद पैमाने पे उपयोग किया जाता है जैसे की Surgery , Research और Body Diagnosis , Realtime stats को पता करने मे । उदाहरण के तौर पे अस्पतालो मे लाग्ने वाली ECG मशीन हाइब्रिड कम्प्युटर ही है ।

Defense and Research – कम्प्युटर का उपयोग डेफेंस और रेसर्च के क्षेत्र मे भी बहुत ज्यादा है जैसे की Air traffic control मे Radar ,Fighter Jets मे । और सबसे ज्यादा खतरनाक यूस Drones मे किया जाता है जो की Artificial Intelligence (AI) का जीता जागता उदाहरण है । लगभग सभी चीज़ों को हमारी या दूसरे देश की सेना कम्प्युटर से ही ऑपरेट करती है या सेल्फ ऑपरेट करवाती है AI के माध्यम से ।

Science and Engineering – साइन्स और इंजीन्यरिंग के क्षेत्र मे कम्प्युटर का उपयोग Realtime Stats को मेजर करने और रिसर्च करने मे उपयोग किया जाता है जैसे की Missile को लॉंच करने मे उनका रियल टाइम डाटा का पता लगाने मे उच्च कोटी के RTOS (Real Time Operating System) का इस्तेमाल किया जाता है ।

Business and Management – बिज़नस और मैनेजमेंट के क्षेत्र मे computer का उपयोग डाटा को मैंटेन रखने , बैलेन्स शीट , सभी एम्प्लॉईस का डाटा को मैनेज करने मे किया जाता है । साथ ही कम्प्युटर का उपयोग बिज़नस presentations देने मे भी किया जाता है ।

Communication – Internet और Computers के समागम से लगभग 90% कम्युनिकेशन का आधार कम्प्युटर बन चुका है । जैसे की E-mail , Chat , Fax इत्यादि ये सभी कम्प्युटर और इंटरनेट के माध्यम से होने वाली बातचीत के उदाहरण है ।

कम्प्युटर के लाभ

अब बात करे कम्प्युटर से होने बाली लाभ के बारे मे तो ये कहना बिलकुल भी गलत नहीं होना चाहिए की कम्प्युटर सिस्टम ने हमारे जीवन को बहुत ही सहज और आसान बना दिया है । आज हम कम्प्युटर के माध्यम से ही महीनो का कम मिंटो मे कर रहे है वो भी पूरी accuracy मतलब बिना किसी चूक के ।

कम्प्युटर और इंटरनेट की ही मदद से अब इंसान जब मन करे जो मन करे एक्सैस कर सकता है और वो भी वो चाहे जहा भी हो । हम अपने मित्रो और परिवार वालो से बात करते है विडियो कॉल करते है चैट करते है ये सभी कम्प्युटर के माध्यम से ही हो पाया है ।

वैसे कम्प्युटर ने हमे बहुत कुछ दिया गया है आइए जानते है कम्प्युटर के कुछ विसेश गुणो के बारे मे ।

1.Speed

computer सिस्टम का पल झपकते ही कम कर देना इसके उपयोग को हमारे जीवन मे बहुत ही ज्यादा महत्व देता है जैसे की आप को अब तक पता चल ही गया होगा की computer सिस्टम Trillions of data को सेकण्ड्स मे calculate कर देता है ।

2.Accuracy

कम्प्युटर किसी भी कम को बहुत ही 100 % एक्यूरसी के साथ करता है यानि की computer मे किसी भी गलती होने की संभावना नहीं होती है बसरते ये की हमारा इनपुट डाटा गलत हो या फिर डिज़ाइन किए गए सॉफ्टवेर मे कंट्रोल इन्सट्रकसंस ।

3.Multi Tasking

कम्प्युटर एक समय मे हजारो कामो को एक साथ ही कर सकता है जैसे की हम एक ही समय मे computer मे औडियो या विडियो भी देख सकते है इंटरनेट पर भी सर्फ कर सकते है और भी बहुत से कम कर सकते है ।

4.Save Time

कम्प्युटर हमारा समय को बचाने मे महत्वपूर्ण योगदान देता है जैसे की computer की ही वजह से हमे बंकों मे कतार मे खड़ा नहीं होना पड़ता है न ही बैंक जाने की जरूरत पड़ती है हम घर बैठे ही पैसा का आदान प्रदान कर पते है ।

5.Cost

computer कोस्ट को कम करने मे भी सहायक होता है जैसे की बहुत ज्यादा मात्र मे अथवा बड़े डाटा को यदि हमे बिना कम्प्युटर के सेव करने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे जबकि कम्प्युटर की मदद से डेटाबेस मे हम लगभग बिना किसी लागत के बहुत ही ज्यादा भरी मात्र मे डाटा को सेव कर सकते है ।

6. Data Integrity and Security

कम्प्युटर डाटा को secure रखने मे मददगार साबित होता है और computer डाटा duplication के प्रोबेल्म से भी हमे छुटकारा दिलाता है ।

7. Stay Connected

कम्प्युटर के माध्यम से भी हम पूरे विश्व मे काही भी हो अपने छीजो से जुड़े रह पाते है जैसे की computer फ्रेंड और फॅमिली को चैट , विडियो कॉल के माध्यम से हमे जोड़े रखता है । और लगभग बिना किसी समय को गवाए हम अपनी बातो को अपने फॅमिली के साथ शेर कर सकते है उनसे communicate कर सकते है । हम अपने files , डाटा को Internet के द्वारा computer से काही से भी एक्सैस कर सकते है ।

8.Automation

computer की ही मदद से हमारे सारे कम लगभग अब औटोमटेड हो चुके है जैसे की किसी सॉफ्टवेर को लॉंच करना किसी को ईमेल सेंद करना या फिर किसी परटिक्युलर टाइम पे किसी टास्क को पूरा करना ।

उदाहरण के तौर पर computer को हम एक camera device से जोड़ सकते है जो की किसी स्पेसिफिक ऑब्जेक्ट को track करे और जैसे ही वो चीज़ ट्रक हो computer सिस्टम तुरंत हमारे लिए अलर्ट जारी कर दे जैसे की Radar System ।

कम्प्युटर से होने वाली हानिया

जैसे जैसे computer का मानव जीवन मे उपयोग बढ्ने लगा है । computer से होने वाली लाभ का खामियाजा भी हमे भुगतना पड़ा है । आइए जानते है computer से होने वाली कुछ हानियो के बारे मे ।

1.Virus Attack

वाइरस भी एक तरह का computer प्रोग्राम होता है जो की अटैक करने वाली को Unauthorized access प्रदान करता है बिना Owner की अनुमति के और फिर अटैक करने वाला आपके कम्प्युटर के साथ कोई भी छेड़खानी कर सकता है जैसे की पर्सनल डाटा को चुराना ।

आपके बैंकिंग पस्सौर्ड को चुराना आर फिर बिना आपके जाने हुए आपके बैंक से ट्रैंज़ैक्शन कर सकता है । आपकी स्टोरेज डिवाइस को करप्ट या encrypt कर सकता है । जिससे की आपकी files बेकार हो सकती है और आपका Bank खाली ।

Virus को आपके computer मे email के माध्यम से किसी सॉफ्टवेर के साथ अटैच करके या फिर Internet के माध्यम से भी भेजा जा सकता है अतः आपको हमेशा आपके कम्प्युटर मे एक Antivirus का होना बहुत ही आवश्यक होता है ।

2. Cyber Crime

Cyber crime , computer की दुनिया मे होने वाला सबसे बड़ा और न रुकने वाला अपराध होता चला जा रहा है । इसमे कोई भी आपके पर्सनल , गुप्त एवं अश्लील video या photos को internet के माध्यम से अपलोड कर सकता है और आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है ।

फोन कॉल या Spam मेसेज के साथ होने वाली ढोकधड़ी जैसा साइबर क्राइम भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है । इसलिए कभी भी किसी के भी कहने पर फोन पे अपनी ID , पासवर्ड ,OTP किसी को न बताए और न ही कभी किसी के साथ अपने बैंक के डिटेल्स साझा करे ।

3.Reduced Employment

कम्प्युटर के चलन से बेरोजगारी की समस्या पैदा हो रही है क्यूकी जहा जिस कम को करने मे एक महीने का समय लगता था और जिसे 100 लोग मिल कर करते थे वो अब 1 कम्प्युटर अकेले ही 1 दिन मे कर ले रहा है जिसकी वजह से देश मे बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो रही है।

अब जैसे की आप किसी बी सैक्टर मे देख सकते है बैंक मे , स्कूल्स मे या फिर किसी कंपनी मे computer होने की वजह से unemployment यानि की बेरोजगारी की समस्या बढ़ रही है ।

4. No IQ and Intelligence

computer मे किसी भी प्रकार का कोई भी IQ या Intelligence नहीं होता है अतः ये decision को खुद से लेने मे सक्षम नहीं है यह बस वही कम करता है जो की इसके control instruction मे दिया गया है । अब वो चाहे AI ही क्यू न हो AI मे भी अभी तक self decision की क्षमता दिए गए control instructions के आधार पे ही है ।

कम्प्युटर का भविस्य (Future)

दिन ब दिन computer की दुनिया मे होने वाले बदलाव औरआविष्कार इस बात की तरफ इशारा करते है की अव वो दिन दूर नहीं जब computer खुद से निर्णय लेने मे सक्षम होगा और साथ मे ये हमारे दिमाग को पढ़ पाएगा और अहमरे मन मस्तिष्क के साथ जुड़ करके कम कर पाएगा।

Scientists कम्प्युटर को ज्यादा बेहतर और advanced करने के लिए Neural Network , AI , DNA computer इत्यादि के ऊपर कम करने मे लगे है ताकि आने वाले डीनो मे computer ज्यादा advance हो सके और हमे हद्द से ज्यादा आलसी और कामचोर बनने पर मजबूर कर दे ।

Final Shout

अभी तक हमने आप लोगो को जो बताया की कम्प्युटर क्या है किसे कहते है (What is computer in hindi) आपको अछे से समझ आ गया होगा और आपके सारे डाऊट क्लियर हो गए होंगे । यदि फिर भी आपको किसी प्रकार का कोई सवाल जबाब करना होतो आप बिना जिझक के कमेंट बॉक्स मे कमेंट कर सकते है ।

हमे आपके सवालो का उत्तर देने की पूरी कोसिस करेंगे और अब अप इस बात को अछे से समझ गए होंगे की कम्प्युटर किसे कहते है अथवा कम्प्युटर क्या है । यदि आपको पोस्ट मे किसी बात से परेशानी है तो comment मे जरूर लिखे ।

इस पोस्ट को अपने मित्रो के साथ , घर परिवार वालो के साथ जरूर शेर करे जिससे सबके अंदर computer की जागरूकता फ़ेल सके । और हमारी मदद भी हो सके ।

computer kya hai in hindi
1 Share

One Comment

  1. Jannette Reply

    Superb blog!
    Do you have any hints for aspiring writers?
    I’m hoping to start my own site soon but I’m a little
    lost on everything. Would you advise starting with a free platform like WordPress or go for a paid option?
    There are so many options out there that I’m completely overwhelmed ..

    Any tips? Kudos!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 Share
Copy link